मुंबई में टाटा ग्रुप के मुख्यालय के बाहर मारपीट को अंजाम दिया गया। तीन फोटोग्राफरों को सुरक्षाकर्मियों ने जमकर पीटा। पिटाई सायरस मिस्त्री विवाद में की गई। वारदात को बॉन्बे हाउस के बाहर अंजाम दिया गया। चश्मदीदों के मुताबिक सायरस मिस्त्री बाहर निकले तो फोटो पत्रकार उनकी तस्वीरें लेने लगे। लेकिन वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने आव देखा न ताव, और फोटो पत्रकारों की पिटाई कर दी। इससे पहले टाटा सन्स के बर्खास्त चेयरमैन सायरस मिस्त्री ने एनटीटी डोकोमो के साथ समूह के विवाद में लगे आरोपों का जोरदार खंडन किया था और कहा था कि इस साझा उपक्रम से जुड़े फैसलों में रतन टाटा शामिल रहे थे। 

मिस्त्री के मुताबिक यह कहना गलत है कि टाटा डोकोमो विवाद में उन्होंने टाटा सन्स की संस्कृति और मूल्यों के मुताबिक फैसला नहीं लिया। लेकिन टाटा सन्स की ओर से मिस्त्री के इस बयान को खारिज कर दिया गया है और कहा गया है कि पता नहीं वह किन काल्पनिक आरोपों का हवाला दे रहे हैं। 

मिस्त्री के दफ्तर से जारी एक बयान में कहा गया है कि टाटा-डोकोमो संयुक्त उपक्रम पर लिए गए फैसले और उसके बाद के विवाद की स्थिति पर जो फैसले लिए गए उनमें बोर्ड और रतन टाटा की पूरी सहमति थी।

   
 
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