वैसे तो कौए की कर्कश आवाज़ों को अशुभ आवाज़ों को अशुभ माना जाता है और शास्त्रों में तो यहाँ तक कहा गया है की कौए को यम है। माना जाता है कि कौआ यमलोक में जाकर पृथ्वीवासियों के विषय में यमराज को जानकारी देता है।
परंतु शगुन शास्त्र के अनुसार कौआ यमराज को ही नहीं हम मनुष्यों को भी शुभ और अशुभ की सूचना देता है। जानिए कब क्या कहता है कौआ?
शगुन शास्त्र के अनुसार सुबह के समय अगर आप कहीं जा रहे हैं और कोई कौआ उड़ता हुआ आकर पांव से स्पर्श कर जाए तो यह बड़ा की शुभ शगुन होता है। इससे जीवन में उन्नति मिलती है। धन का लाभ मिलता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होता है।
दोपहर के बाद अगर कौआ किसी व्यक्ति के ऊपर मंडराने लगे तो यह अच्छा शगनु होता है। ऐसे में व्यक्ति को मान-सम्मान मिलता है। कहीं से भोजन का निमंत्रण मिलने की संभावना रहती है।
लेकिन कौआ सिर्फ शुभ शगुन ही नहीं अशुभ शगुन भी बताता है। जानिए कौए के कुछ अशुभ शगुन के बारे में।
शगुन शास्त्र के अनुसार अगर कौआ उड़ते हुए पंजे से सिर का स्पर्श कर करे या सिर पर आकर बैठ जाए तो बड़ा अपशगुन होता है। माना जाता है कि व्यक्ति को मृत्यु तुल्य कष्ट प्राप्त होता है। यह भी माना जाता है कि ऐसे में सुख और सौभाग्य का नाश होता है।
अगर कोई व्यक्ति कुछ खा रहा हो और कौआ खाने में से कुछ लेकर उड़ जाए तो यह अशुभ शगुन माना जाता है। मान्यता है कि ऐसे में व्यक्ति को अपने शत्रुओं से हार का सामना करना पड़ता है। ऐसे में भलाई यही है कि शत्रु के साथ समझौता कर लिया जाए।
   
 
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