नई दिल्ली. नोटबंदी के बाद बैंकों में कैश एक्सचेंज करते वक्त लोगों की उंगली पर स्याही लगाई जा रही है। इलेक्शन कमीशन ने शुक्रवार को इस पर एतराज जताया। कमीशन ने फाइनेंस मिनिस्ट्री को लेटर लिखकर कहा- 5 राज्यों की 11 लोकसभा-विधानसभा सीटों पर 19 नवंबर को उप चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में जिन लोगों को बैंकों में स्याही लगाई जा रही है, उन्हें वोट डालने में दिक्कत होगी। बैंकों में क्यों लगाई जा रही है स्याही...
- मंगलवार को इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी शक्तिकांत दास ने कहा था कि 500-1000 के पुराने नोटों को जो एक बार एक्सचेंज करा लेगा, उसके दाएं हाथ की उंगली पर स्याही का निशान लगा दिया जाएगा।
- बुधवार से इसकी शुरुआत हो गई। जैसे चुनाव में वोटिंग के बाद होता है, वैसे ही देश में वोटिंग से अलग किसी काम में इतने बड़े पैमाने पर लोगों की उंगलियों पर स्याही का इस्तेमाल शुरू हुआ।
इसलिए है EC को एतराज
- फाइनेंस मिनिस्ट्री को लिखे लेटर में EC ने कहा, "स्याही लगाने के फैसले पर अमल से पहले चुनाव नियमों का ध्यान रखें।"
- EC ने कहा कि 19 नवंबर को 5 राज्यों में उप चुनाव होने हैं। सरकार ये निश्चित करे कि बैंक में पैसा डिपॉजिट करने गए लोग, जिनकी उंगलियों पर स्याही लगाई गई, वो चुनावों में वोटर्स के लिए परेशानी ना पैदा करें।
- चुनाव नियमों के मुताबिक, वोट डालने वालों की इंडेक्स फिंगर पर स्याही लगाई जाती है। इंडेक्स फिंगर ना होने पर दूसरी उंगली पर और राइट हैंड ना होने पर लेफ्ट हैंड में स्याही लगाई जाती है।
- चुनाव में अगर किसी वोटर के दोनों हाथ नहीं है, तो पैर के नाखूनों पर स्याही लगाए जाने का नियम है।
कांग्रेस ने भी उठाए थे सवाल
- कांग्रेस ने भी निशान लगाए जाने के फैसले पर सवाल उठाया था।
- कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ''नाखून पर इंक लगाने जा रहे हैं, इसका कानून के साथ ताल्लुक नहीं है।''
- ''मैं अपने पैसे क्यों नहीं एक्सचेंज करा सकता? आप कैसे रोक सकते हैं?''
कल इन राज्यों में होने हैं उपचुनाव
- मध्य प्रदेश:शहडोल लोकसभा सीट और नेपानगर विधानसभा सीट।
- असम: 14 लखीमपुर लोकसभा सीट और 20 बैठलांगसो विधानसभा सीट।
- पुड्डुचेरी: नल्लीथोप्पे विधानसभा सीट।
- बंगाल:कूच बिहार और तमलुक लोकसभा सीट और मोंटेश्वर विधानसभा सीट।
- तमिलनाडु: तंजावुर, अरावक्कूरिची और तिरुपर्रानकुंदरम विधानसभा सीट।
