नई दिल्ली : पुणे टेस्ट की हार का बदला ऑस्ट्रेलिया से लेने के लिए टीम इंडिया बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में उतर चुकी है। पुणे टेस्ट में मिली 333 रनों की करारी हार के बाद दूसरा टेस्ट काफी रोमांचक हो गया है। सीरीज के पहले मैच की हार भारत की अपने घर में ये दूसरी सबसे बड़ी हार है। बता दें कि इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने ही भारत को उसी की सरजमीं पर 342 रनों से मात दी थी।पहला टेस्ट मैच हारने के बाद टीम इंडिया पूरी तरह से दबाव में आ गई है। बावजूद इसके ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरी तरह से सतर्क है और टीम इंडिया को कमतर नहीं आंक रही है। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कप्तान स्टीवन स्मिथ ने भारत के खिलाफ होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए अपनी टीम को चेतावनी भी दे डाली है। उन्होंने कहा है कि हम जानते हैं कि भारत मजबूती से वापसी करेगा। इसमें कोई शक नहीं है। अपने घर में वह शानदार खेलते हैं, लेकिन पिछले मैच से हमने काफी कुछ सकारात्मक चीजें सीखी हैं।
दरअसल, टीम इंडिया की जोरदार वापसी का अंदाजा लगाने वाले स्मिथ भी कुछ गलत नही सोच रहे हैं। टीम इंडिया का रिकॉर्ड बताता है कि वह हार के बाद वापसी करने में कितनी माहिर है। भारतीय टीम ने इससे पहले कई मौकों पर पहला मैच गंवाने के बाद सीरीज में पलटवार करते हुए जीत दर्ज की है।
श्रीलंका के खिलाफ 2015-16 की टेस्ट सीरीज
हार के बाद शानदार वापसी का करिश्मा 2015-16 में भी कर चुका है। श्रीलंका के खिलाफ 2015-16 की टेस्ट सीरीज के पहले मैच में भारत ने पहली पारी में 192 रनों की बढ़त बनाने के बाद मैच गंवा दिया था और भारत को पहले ही मुकाबले में 63 रनों से हार का सामना करना पड़ा। टेस्ट सीरीज के अगले दो मैचों में भारतीय टीम ने वापसी करते हुए कोलंबों टेस्ट मैच में श्रीलंका को 278 रनों हराकर सीरीज में 1-1 से बराबर की और फिर तेज गेंदबाजों की मददगार एसएससी की पिच पर पुजारा के शानदार 145 रनों की बदौलत 117 रनों से जीत दर्ज कर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000-01 की टेस्ट सीरीज
सौरव गांगुली के नेतृत्व में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में ऐतिहासिक मात दी थी। मुंबई में खेले गए पहले ही टेस्ट मैच में भारत को टीम ऑस्ट्रेलिया ने 10 विकेट से हरा दिया। कोलकाता में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में 274 रनों की बढ़त बनाने और भारत को फॉलोऑन खिलाने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को हार मिली। टेस्ट सीरीज के आखिरी मुकाबले में एक बार फिर हरभजन सिंह का जलवा दिखा और छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 2 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर लिया।
इंग्लैंड के खिलाफ 1972-73 की टेस्ट सीरीज
एक वक्त था जब विश्व टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में तीन ही टीमों का दबदबा हुआ करता था। ये टीमें थीं- वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड। पांच मैचों की इस टेस्ट सीरीज में भारत को दिल्ली में खेले गए पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारतीय टीम ने जोरदार वापसी करते हुए अगले चार टेस्ट मैचों में से दो में जीत दर्ज किया और सीरीज 2-1 से अपने नाम कर लिया।
