नई दिल्ली.राजधानी के लोग 17 साल के सबसे घने स्मॉग (धुंध) का सामना कर रहे हैं। इसे देखते हुए दिल्ली के 1800 स्कूलों में शनिवार को छुट्टी कर दी गई है। अगर सोमवार को भी हालात ठीक नहीं होते हैं तो छुट्टी बढ़ाई जा सकती है। सेंटर फॉर साइंस एन्वार्यन्मेंट (सीएसई) ने सरकार से कहा था कि इसे इमरजेंसी के तौर लेना चाहिए और बच्चों को घर में रहने की सलाह दी जानी चाहिए। केजरी बोले- खेतों में कचरा जलाने से बढ़ा पॉल्यूशन
- अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा, ''आसपास के राज्यों के खेतों में कचरा जलाने से पॉल्यूशन लेवल बढ़ा है। सरकार ने पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान सरकार से आंकड़ें मांगे हैं। इसके बाद मंगलवार को रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी जाएगी।''
- बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पॉल्यूशन को लेकर केन्द्र और दिल्ली सरकार को फटकार लगाने के साथ स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। ट्रिब्यूनल ने केजरी सरकार से कहा, ''आप सिर्फ मीटिंग करने में बिजी हैं, पॉल्यूशन रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।''
- सीएसई ने गुरुवार को कहा था- 'दिल्ली 17 साल में सबसे घनी धुंध (स्मॉग) का सामना कर रही है। इसे अब इमरजेंसी के तौर पर लिया जाना चाहिए, लोगों को घर के बुजुर्गों और अपने बच्चों को प्रोटेक्ट करने की कोशिश करनी चाहिए।'
- सीएसई के एयर पॉल्यूशन एंड सस्टेनबल मोबिलिटी टीम की हेड अनुमिता रॉयचौधरी ने कहा- "सांस की प्रॉब्लम और हार्ट डिजीज से परेशान लोगों और बच्चों को इससे बचाने के लिए इमरजेंसी एक्शन की जरूरत है।"
- "सरकार को लोगों को घरों में रहने और खुले में एक्सरसाइज से बचने की सलाह देनी चाहिए। साथ ही उसे जाड़े में पॉल्यूशन के सभी सोर्सेज को कंट्रोल करने के लिए इमरजेंसी एक्शन लेना चाहिए।"
- बता दें कि बता दें कि तीनों दिल्ली के तीनों एमसीडी के स्कूलों में करीब 7 लाख बच्चे पढ़ते हैं। कई प्राइवेट स्कूल भी बंद रहेंगे।
सिर्फ 300 से 400 मीटर रही विजिबिलिटी
- इंडियन मीटियरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने कहा- "दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 2 नवंबर को 17 साल की सबसे घनी धुंध रही। इस दौरान विजिबिलिटी महज 300 से 400 मीटर थी।"
- "सुबह 11 बजे से दोपहर ढाई बजे तक एयरपोर्ट पर सबसे कम विजिबिलिटी दर्ज की गई।"
- "दिवाली के बाद से ही विजिबिलिटी कम होनी शुरू हो गई। फेस्टिवल के अगले दिन 30 अक्टूबर को यह 800 से 1200 मीटर रही थी।"
- "पॉल्यूशन के अन्य सोर्सेज के साथ ही वेदर से जुड़े फैक्टर्स की वजह से ही विजिबिलिटी इस लेवर तक गिरी है।"
दिवाली के बाद काफी बढ़ गया पॉल्यूशन
- सीएसई की एनालिसिस ने बताया- "दिवाली के दिन भी उतना पॉल्यूशन नहीं था, जितना उसके बाद देखा जा रहा है।"
- "दिवाली के बाद पॉल्यूशन के लेवेल को देखने से यह पता चलता है कि शहर में जहरीली धुंध का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ गया है।"
- "दिवाली के दिन के मुकाबले 2 नवंबर को हवा में पर्टिकुलेट मैटर 2 का लेवेल 62.7% रहा।"
